Skip to main content
Skip to main content
Hin

NATIONAL HIGH SPEED RAIL CORPORATION LIMITED

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड

myth-vs-fact-banners1

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना

Published Date
  • कुल लंबाई: 508 कि.मी. (गुजरात और डीएनएच: 352 कि.मी., महाराष्ट्र: 156 कि.मी.)
  • 12 स्टेशनों की योजना बनाई गई है। (मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद, साबरमती)

परियोजना की स्थिति (18 अप्रैल 2025 तक)

  • वायाडक्ट निर्माण: 293 कि.मी.
  • पियर निर्माण: 375 कि.मी.
  • पियर फाउंडेशन: 394 कि.मी.
  • गर्डर कास्टिंग: 320 कि.मी.
  • 14 नदियों पर पुलों का निर्माण पूरा हो गया है। पार (वलसाड जिला), पूर्णा (नवसारी जिला), मिंधोला (नवसारी जिला), अंबिका (नवसारी जिला), औरंगा (वलसाड जिला), वेंगानिया (नवसारी जिला), मोहर (खेड़ा जिला), धाधर (वडोदरा जिला), कोलक (वलसाड जिला), वत्रक (खेड़ा जिला), कावेरी (नवसारी जिला), खरेरा (नवसारी जिला), मेशवा (खेड़ा) जिला) और किम (सूरत जिला)
  • सात स्टील ब्रिज और पांच पीएससी (PSC) ब्रिज पूरे हो चुके हैं 
  • गुजरात में वायाडक्ट पर नॉइज़ बैरियर लगाने का काम चल रहा है। 150 किलोमीटर लंबे मार्ग पर करीब 3 लाख नॉइज़ बैरियर लगाए जा चुके हैं
  • गुजरात में अब तक लगभग 143 किलोमीटर ट्रैक बेड का निर्माण किया जा चुका है। 200 मीटर लंबे पैनल बनाने के लिए वायाडक्ट पर रेल की वेल्डिंग का काम भी चल रहा है 
  • गुजरात में ओवरहेड इक्विपमेंट मास्ट (OHE) लगाने का काम चल रहा है। सूरत-बिलिमोरा बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच 100 से ज़्यादा ओएचई मास्ट लगाए जा चुके हैं, जो मेनलाइन  वायाडक्ट के लगभग 2 किलोमीटर हिस्से को कवर करते हैं।

 

  • महाराष्ट्र में बीकेसी और शिलफाटा के बीच 21 किलोमीटर लंबी सुरंग का काम निर्माणाधीन है। न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग विधि (NATM) के माध्यम से शिलफाटा और एडीआईटी पोर्टल से दो समवर्ती छोर से लगभग 3.3 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है। विक्रोली और सावली शाफ्ट दोनों के लिए क्रमशः 56 मीटर और 39 मीटर की खुदाई की जा चुकी हैं।
  • एनएटीएम के माध्यम से महाराष्ट्र के पालघर जिले में सात पर्वतीय सुरंगों का निर्माण चल रहा है
  • गुजरात में आठ में से छह स्टेशनों का संरचनात्मक कार्य पूरा हो गया है
  • महाराष्ट्र में, तीनों एलिवेटेड स्टेशनों पर काम शुरू हो चुका है। मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन पर बेस स्लैब डाली जा रही है, जिसके लिए लगभग 75% खुदाई का काम (यानी 14 लाख क्यूबिक मीटर) पूरा हो चुका है। इस स्थल से कुल 1872263 घन मीटर मिट्टी की खुदाई की आवश्यकता है। बुलेट ट्रेन स्टेशन के लिए बेस स्लैब सबसे गहरा निर्माण स्तर बनेगा। लगभग 200,000 घन मीटर कंक्रीट केवल बेस स्लैब कास्टिंग के लिए डाला जाएगा। अब तक 25,000 घनमीटर कंक्रीट डाली जा चुकी है। प्रत्येक बेस स्लैब कास्टिंग के लिए नियंत्रित तापमान पर 3000 से 4000 घनमीटर कंक्रीट की आवश्यकता होती है, जिसे in-situ बैचिंग प्लांट और चिलर प्लांट द्वारा तैयार किया जा रहा है। साइट के लिए 100% secant पाइलिंग (3384 Nos.) का काम पहले ही पूरा हो चुका है।
     

 

Related Images