मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए गुजरात के वलसाड जिले में दमन गंगा नदी पर पुल का निर्माण पूरा हो गया है।
यह परियोजना के लिए गुजरात में नियोजित 21 नदी पुलों में से निर्मित सोलहवाँ नदी पुल है। वलसाड जिले में स्थित सभी पाँच (05) नदी पुल अब पूरे हो चुके हैं। कुल मिलाकर, पूरे कॉरिडोर पर 25 नदी पुलों का निर्माण किया जा रहा है।
वलसाड जिले में एमएएचएसआर मार्ग लगभग 56 किलोमीटर लंबा है (दादरा और नगर हवेली में 4.3 किलोमीटर सहित) जो जरोली गांव से शुरू होकर वाघलदारा गांव में समाप्त होता है। इस मार्ग में वापी बुलेट ट्रेन स्टेशन, 350 मीटर लंबी सुरंग, 05 नदी पुल और 01 पीएससी पुल (210 मीटर) शामिल हैं।
इस नदी पुल की मुख्य विशेषताएं हैं:
- लंबाई: 360 मीटर
- इसमें 9 फुल स्पैन गर्डर्स (प्रत्येक 40 मीटर) शामिल हैं
- पियर की ऊंचाई – 19 से 29 मीटर
- इसमें 4 मीटर और 5 मीटर व्यास के एक-एक तथा 5.5 मीटर व्यास के 8 गोलाकार पियर्स शामिल है
- यह पुल बोईसर और वापी बुलेट ट्रेन स्टेशन के बीच में है। इन दोनों स्टेशनों के बीच एक और नदी पुल का निर्माण दरोथा नदी पर पूरा किया जा चुका है
- यह नदी वापी बुलेट ट्रेन स्टेशन से 1 कि.मी. और बोईसर बुलेट ट्रेन स्टेशन से लगभग 61 कि.मी. दूर है
- वलसाड जिले में पूर्ण हो चुके अन्य नदी पुल हैं; औरंगा (320 मीटर), पार (320 मीटर), कोलक (160 मीटर) और दरोथा (80 मीटर)
अतिरिक्त जानकारी
दमन गंगा नदी महाराष्ट्र के नासिक जिले के वलवेरी गांव के पास सह्याद्री पहाड़ियों से निकलती है। यह अरब सागर में मिलने से पहले महाराष्ट्र, दादरा और नगर हवेली और दमन से गुजरते हुए लगभग 131 किलोमीटर तक बहती है।
यह नदी पीने, सिंचाई और औद्योगिक उपयोग के लिए पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। वापी, दादरा और सिलवासा जैसे औद्योगिक शहर इसके तट पर स्थित हैं। नदी पर बना मधुबन बांध एक प्रमुख जल संसाधन परियोजना है जो गुजरात, डीएनएच और दमन और दीव को लाभान्वित करता है, जिससे सिंचाई, जल आपूर्ति और बिजली उत्पादन के लिए पानी मिलता है।

