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ब्लॉग

एचएसआर स्टेशन: शहरों के लिए बहुआयामी, मल्टीमॉडल गेटवे

एक राष्ट्र के रूप में भारत का परिवहन नेटवर्क बहुत ही व्यापक है,

एन.एच.एस.आर.सी.एल. ने 35 दिनों में भारत की सबसे बड़ी आधिकारिक संरचना के निर्माण करने का अनुबंध प्रदान किया ।

एन.एच.एस.आर.सी.एल ने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एम.ए.एच.एस.आर) कॉरिडोर से लेकर लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के अपने सबसे लंबे सिविल वर्क (सी4) पैकेज के लिए अपना पहला अनुबंध प्रदान किया है। अनुबंध के विवरण में 237 किलोमीटर लम्बा पुल, 4 स्टेशन, डिपो और एम.ए.एच.एस.आर गलियारे के लिए एक पर्वत सुरंग के डिजाइन पर परीक्षण और कमीशन सहित सिविल और भवन निर्माण के डिजाइन और निर्माण शामिल हैं। सी-4 पैकेज आईएनआर/INR 25,000 करोड़ के आसपास है और यह गुजरात के वापी और वडोदरा के बीच 508 किमी लंबे गलियारे के कुल संरेखण के लगभग 47 प्रतिशत को, 24 नदी साथ साथ ही 30 रोड क्रॉसिंग कवर करेगा, जिसमें चार स्टेशन जैसे…

‘MAKE IN INDIA’ For Steel Bridges in MAHSR

Out of the total length of 508 km, a maximum stretch of the Mumbai Ahmedabad High-Speed Rail (MAHSR) will be covered by the viaduct, which excludes the 21 km long tunnel near Mumbai. The MAHSR alignment over viaduct (487km) will span over National Highways, Dedicated Fright Corridor Tracks (DFC), Indian Railways Tracks and rivers at many locations. Most of the viaduct is being made of concrete (PSC box, Girder). However, where the span requirement will be more than 60 meters, steel superstructures have been planned, as beyond a point PSC structures become heavy and steel superstructures…

Slab Track System for High Speed Railway

Slab Track structure is a unique feature of Japanese High Speed Railway, popularly known as Shinkansen. Slab Track was invented and has evolved in Japan and now the term is synonymous with High Speed Track. The first HSR in Japan i.e. Tokaido Shinkansen began operational in 1964 between Tokyo and Shin-Osaka. Conventional ballasted track structure was adopted in Tokaido Shinkansen. Track geometry of conventional ballasted tracks used to disturb frequently with the increase in traffic density. Due to problem of disturbance of track geometry coupled with reduction in time available for…

व्यावहारिक, प्रेरक और सौंदर्यपरक: एचएसआर स्टेशन

भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना, मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के आने से क्रांति आने वाली है और जिस तरह से रेलवे स्टेशनों की कल्पना और डिजाइन की गई है उसमें भी बदलाव आने वाला है। केवल यह कहना उचित होगा कि एचएसआर की शुरुआत के दौरान भारत में सतत परिवहन के लिए एक नया बुनियादी ढांचा विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, लेकिन सुविधा, नेविगेशन, सुविधा-संसाधनों और सौंदर्य के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार स्टेशनों के बुनियादी ढांचे का स्तर ऊपर उठाने की योजना बनाने और विचार करने पर भी उतना ही जोर दिया जा रहा है। । एचएसआर स्टेशनों में दुकानों, कैफे और रेस्तरां, पार्किंग स्थल,…

भारत की सर्व प्रथम एचएसआर परियोजना से अपेक्षित दीर्घावधिक एवं अल्पावधिक आर्थिक समृद्धि

यात्रियों को एक शहर से लेकर दूसरे शहर तक तेज यातायात को सक्षम बनाने से लेकर परिवहन का एक सुरक्षित और विश्वसनीय साधन प्रदान करने और रोजगार के अवसर पैदा करने से लेकर देश में उच्च गुणवत्ता वाली प्रौद्योगिकी लाने तक; ऐसे कई कारक हैं जो देश में हाई स्पीड रेल (एचएसआर) परियोजना की आर्थिक सफलता का निर्धारण करेंगे। लेकिन इनमें से अत्यंत महत्वपूर्ण कारक  परियोजना द्वारा निर्मित स्थानीय प्रभाव है जो न केवल स्थानों, उद्योगों और परियोजना कॉरिडोर में रहने वाले लोगों, बल्कि देश भर के लोगों के लिए सामाजिक-आर्थिक मूल्यांकन में एक प्रमुख घटक साबित हो सकता है।

1964 में जापान में पहली शिंकानसेन की…

‘मेक इन इंडिया ’की पहल किस तरह से हाई-स्पीड रेल परियोजना को गति प्रदान कर रही है

‘मेक इन इंडिया ’की पहल किस तरह से हाई-स्पीड रेल परियोजना को गति प्रदान कर रही है

पूरे एशिया क्षेत्र में सबसे तेजी से बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों के तौर पर पहचान बना चुकी भारत-जापान साझेदारी ने एक लंबा सफर तय कर लिया है। दोनों देशों द्वारा अब भारत में इसकी पहली हाई-स्पीड रेल या बुलेट ट्रेन शुरू करने के लिए हाथ मिला लेने के बाद, साझेदारी और भी सुदृढ़ होने के लिए तैयार है। 508 किमी लंबी मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना कॉरिडोर के 12 स्टेशनों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाएगी। उनके नाम बीकेसी (मुंबई) –ठाणे-विरार-बोइसर-वापी-बिलिमोर-सूरत-भरूच-वडोदरा-आनंद-अहमदाबाद…

Taking India to the fast track of development

Taking India to the fast track of development

Entrusted with the task of  building India’s first High-Speed Rail between Mumbai-Ahmedabad (MAHSR), National High-Speed Rail Corporation Ltd (NHSRCL) is ushering India into an era of economic, social and technological progress. Making use of state-of-the-art, cutting-edge technology, NHSRCL is not only likely to usher new era in rail construction but is also in providing safe, speedier, & convenient solution for fast travel.

2019 - एक यादगार वर्ष

2019 - एक यादगार वर्ष.

किसी भी परियोजना को वास्तिविकता का रूप देने के लिए उसके आधार का दृढ़ होना जरूरी है | इन्ही विचारो को ध्यान में रखते हुए, भारत की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक, बुलेट ट्रेन परियोजना, जिसपर पिछले कुछ वर्षों से सफलतापूर्वक कार्य चल रहा है, ने इस वर्ष भी कई उपलब्धियां हासिल की |परियोजना के आधार को मजबूत बनाने में संस्थान के अधिकारियों की सम्पूर्ण निष्ठा और जापानी अभियंताओं की कार्यकुशलता की बदौलत जमीन अधिग्रहण, वडोदरा ट्रेनिंग संस्थान का निर्माण, पर्यावरण संरक्षण हेतु पौधारोपण, कौशल विकास कार्यक्रम, नए स्टेशनों की बनावट में सहयोग…

बुलेट ट्रेन और आर्थिक विकास की संभावनाएं - एक परिचय

बुलेट ट्रेन और आर्थिक विकास की संभावनाएं - एक परिचय

भारत की गिनती दुनिया के विकासशील देशों में होती है जोकि बीते कुछ सालों में विश्व की आर्थिक शक्ति के रुप में अपनी पहचान बनाने में सफल साबित हुए हैं। देश में फैली आधुनिकीकरण की लहर के चलते न केवल भारत का सामाजिक उत्थान हुआ है बल्कि आर्थिक बढ़ोतरी ने लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाया है। हर गुजरते वर्ष के साथ देश में विकास एवं सुविधा के नए आयाम बनते जा रहे हैं, फिर चाहे वह रोज़गार के अवसर पैदा करने वाली स्वदेशी एवं विदेशी कंपनियां हो या फिर आवागमन को सुविधाजनक बनाने वाली बुलेट ट्रेन, जो आने वाले कुछ ही…