मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अंतर्गत अहमदाबाद जिले में कालूपुर फ्लाईओवर के ऊपर वायाडक्ट लॉन्चिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह फ्लाईओवर साबरमती–मुंबई मुख्य रेल लाइन (पश्चिम रेलवे) के ऊपर बना एक रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) है। यह पुल मौजूदा रेलवे लाइन के समानांतर बना है और फ्लाईओवर पर पुल का निर्माण कार्य 25 मई 2026 को पूरा किया गया।
इस कार्य के अंतर्गत स्पैन-बाय-स्पैन (SBS) मेथड से 45 मीटर लंबे पुल का लॉन्चिंग कार्य किया गया।
मुख्य विशेषताएँ:
- फ्लाईओवर के ऊपर स्पैन की लंबाई: 45 मीटर
- वायाडक्ट की ऊँचाई (भूमि स्तर से रेल स्तर तक): 19.5 मीटर
- लॉन्च किए गए सेगमेंटों की संख्या: 19
- स्पैन का कुल भार: 1200 मीट्रिक टन
कालूपुर फ्लाईओवर अहमदाबाद के सबसे व्यस्त दो-लेन फ्लाईओवरों में से एक है, जो शाहीबाग, असरवा और कालूपुर के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग के रूप में कार्य करता है तथा प्रतिदिन हजारों यात्री इसका उपयोग करते हैं।
स्पैन लॉन्चिंग गतिविधियों की विस्तृत योजना बनाकर इन्हें नियंत्रित रात्रिकालीन ब्लॉक के दौरान सफलतापूर्वक पूरा किया गया। कार्य क्षेत्र के भीतर प्रवेश और निकास मार्गों को रात्रि 00:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे तक पूरी तरह बंद रखा गया, जबकि दिन के समय फ्लाईओवर के नीचे सामान्य यातायात संचालन बहाल रखा गया।
अहमदाबाद ट्रैफिक विभाग से 22 मई से 25 मई 2026 की अवधि के लिए आवश्यक रात्रिकालीन ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति प्राप्त की गई थी। इस सीमित ब्लॉक अवधि के भीतर ऑटो-लॉन्चिंग, सेगमेंट परिवहन, स्पैन एरेक्शन, ड्राई मैचिंग तथा ग्लूइंग जैसी सभी प्रमुख गतिविधियाँ तीन (03) रातों में सफलतापूर्वक पूर्ण की गईं।
जनसुविधा पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन उपाय लागू किए गए, जिनमें उचित बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन संकेतक, मार्ग परिवर्तन संबंधी अग्रिम जनसूचना, दिन एवं रात्रि पाली में पर्याप्त ट्रैफिक मार्शलों की तैनाती तथा रात्रिकालीन कार्यों के दौरान पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था शामिल थी।
अतिरिक्त जानकारी:
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर अहमदाबाद जिले में कुल 31 क्रॉसिंगों से होकर गुजर रहा है, जिनमें भारतीय रेलवे क्रॉसिंग (08 संख्या), रोड फ्लाईओवर, सड़क, रोड अंडरपास, नहर क्रॉसिंग (16 संख्या), साबरमती नदी पर एक (01) नदी पुल क्रॉसिंग तथा छह (06) स्टील ब्रिज शामिल हैं। इनमें से 23 क्रॉसिंगों का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है।

